बीते 10 सालों में बिजनस एनवायरमेंट इतनी तेजी से ट्रांसफॉर्म हुआ है कि अब डेटा कंज्यूमर बिहेवियर को समझने का इम्पॉर्टेंट सोर्स बन गया है। डेटा चाहे बैंकिंग इंश्योरेंस का हो या ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर या एजुकेशन और लीगल बिजनेस का यह बिजनेस इंटेलिजेंस का इम्पॉर्टेंट सोर्स बन चुका है और इस डेटा को एक्सप्लोर करने के लिए बिजनेस एनालिटिक्स, रिलेवेंट स्किल्स और टेक्नोलॉजीज का यूज करता है ताकि प्लानिंग और डिसीजन मेकिंग में हेल्प मिल सके।
डेटा, माइनिंग, स्टेटिस्टिकल एनालिसिस और प्रोडक्टिव एनालिटिक्स। इसके कुछ फेमस आस्पेक्ट्स हैं और बिजनेस एनालिटिक्स के पोर्टल स्पीड से बढ़ी है। ऐसे कैंडिडेट्स की डिमांड भी इन्क्रीज हुई है जो बिजनेस एनालिटिक्स की नॉलेज रखते हैं। इससे स्टूडेंट्स के बीच फास्टेस्ट राइजिंग स्पेशलाइजेशन में से एक बन गया है।
बिजनेस एनालिटिक्स में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट बिजनेस एनालिटिक्स यानी पीजीडीएम बिजनेस एनालिटिक्स एक बेहतरीन कोर्स के रूप में सामने आया है। इंडिया के बहुत से कॉलेजेस ये कोर्स ऑफर करते हैं और ये कोर्स जनरली ऐसे इंस्टीट्यूट ऑफर करते हैं जो ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन यानी एआईसीटीई या एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज यानी एआईयू से अप्रूव्ड हों। असोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज में तो पीजीडीएम डिग्री एमबीए डिग्री के इक्वेलिटी ही मानी जाती है और इस कोर्स को करने के बाद आपको हाई सैलरी पैकेज और एमेजॉन और एचसीएल जैसी टॉप रिक्रूटर्स भी तो मिलती ही है।
इसीलिए अगर आप डेटा एनालिटिक्स में इंट्रेस्ट रखते हों और इसी एरिया में अपने करियर की ग्रोथ देखते हों तो ये वीडियो पूरा जरूर देखें ताकि आपको पता चल सके कि पीजीडीएम कोर्स किस तरीके से इसमें आपकी हेल्प कर सकता है। तो चलिए शुरू करते हैं पीजीडीएम बिजनेस एनालिटिक्स। दो साल का मैनेजमेंट पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स है एक। डेटा ड्रिवन इनसाइट गेन करने के लिए और एनआईसी द्वारा यूज किए जाने वाली स्किल्स, टेक्नोलॉजीज, एप्लीकेशंस और प्रोसेसेज का कॉम्बिनेशन है और यह कोर्स उन सभी को रेकमेंड किया जाता है जो बिग डेटा स्ट्रैटिजी की प्लानिंग, मॉनीटरिंग और इफेक्टिव मैनेजर करने में इन्वॉल्व हो।
यह कोर्स न्यू प्रोफेशनल्स और एक्सपीरियंस्ड प्रोफेशनल्स दोनों के लिए ही यूजफुल है। यानी ऐसे प्रोफेशनल्स जो एडमिनिस्ट्रेटर मैनेजर्स या प्रोजेक्ट लीडर हैं और डेली बेसिस पर बेसिस एनालिसिस करते हैं वो भी इस कोर्स का बेनिफिट उठा सकते हैं और ऐसे स्टूडेंट भी जो एनालिटिकल माइंडसेट रखते हैं और एनालिस्ट के तौर पर काम करना चाहते हैं वो भी इस कोर्स को कर सकते हैं। तो आइए आपको बताते हैं इस कोर्स में एडमिशन का क्राइटेरिया और उसके बाद एडमिशन प्रोसेस के बारे में।
पीजीडीएम बिजनेस एनालिटिक्स में एडमिशन के लिए आपके पास एआईयू या एआईसीटीई ऐसे रिकग्नाइज्ड किसी यूनिवर्सिटी से कम से कम तीन साल की ग्रैजुएट डिग्री होनी चाहिए जिसमें मिनिमम एग्रीगेट फिफ्टी पोस्ट माक्र्स हों। अब यूं तो कोई भी ग्रैजुएट कोर्स कर सकता है, लेकिन साइंस और कॉमर्स बैकग्राउंड स्टूडेंट के लिए यह ज्यादा आसान रहता है क्योंकि बिजनेस एनालिटिक्स में स्टैटिस्टिक्स आती है और इन दो स्ट्रीम में स्टूडेंट का इन दोनों सब्जेक्ट्स से थोड़ा लिंक बना रहता है।
अब जानते हैं एडमिशन प्रोसेस के बारे में।
पीजीडीएम एनालिटिक्स कोर्स में एडमिशन के लिए टॉप इंस्टीट्यूट्स कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट यानी सीएटी कैट कंडक्ट करते हैं और ऐसे ही कुछ और एंट्रेंस टेस्ट होते हैं। ईटी एमएटी मैट जी, एमएटी एन। एमएटी। ऐसे में जनरली तीन सेक्शन सोते हैं।
पहला वर्बल रीजनिंग, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन,
दूसरा लॉजिकल रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन।
तीसरा है क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड या रीजनिंग।
यानी अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए आपको इन तीनों सेक्शन्स को ध्यान में रखते हुए ही तैयारी करनी होगी। इसके अलावा कुछ एग्जाम्स में जनरल नॉलेज सेक्शन भी होता है तो उसका भी आप विशेष ध्यान रखें।
एंट्रेंस टेस्ट के स्कोर के बेस पर अप्लीकेंट को सिलेक्ट किया जाता है। उन्हें पर्सनल इंटरव्यू या ग्रुप डिस्कशन के लिए बुलाया जाता है। जो स्टूडेंट सारे राउंड क्लियर कर लेते हैं, उन्हें इस कोर्स में एडमिशन मिल जाता है। और हां कुछ इन्स्टीटयूट मैरिट बेस पर भी एडमिशन दिया करते हैं।
अब अगर आप पीजीडीएम बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो इसके सिलेबस पर एक नजर डालते हैं। मॉड्यूल में कवर किए जाने वाले टॉपिक्स होते हैं। मैनेजमेंट, फंक्शंस एंड ओबी बिजनेस स्टेटिस्टिक्स, मैनेजेरियल, इकोनॉमिक्स, इंट्रोडक्शन टू आईटी सिस्टम्स, बिजनेस कम्युनिकेशन प्लानिंग, अकाउंटिंग मॉड्यूल सेकंड में आते हैं। ऑपरेशंस मैनेजमेंट, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग मैनेजमेंट रिसर्च, मेथडोलॉजी, फाइनेंशल मैनेजमेंट, इकोनॉमिक एंड सोशल एनवायरमेंट। तीसरे मॉड्यूल में ये सारे टॉपिक्स कवर किए जाते हैं।
इंट्रोडक्शन टू बिग डेटा डेटा एनालिटिक्स यूजिंग बाद डेटा एनालिटिक्स यूजिंग, एस एडवांस्ड एनालिटिक्स यूजीआर, एप्लाइड स्टेटिस्टिक्स, स्टडी डेवलपमेंट ऑफ बिजनेस सिमुलेशन। चौथे मॉड्यूल में आते हैं बिजनेस लोन, इंटरनेशनल बिजनेस और एंटरप्रेन्योर ऑयल मैनेजमेंट, एंटरप्राइज सिस्टम्स, मैनेजमेंट, एकाउंटिंग, कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रोजेक्ट वर्क। सिलेबस के बाद बारी आती है पीजीडीएम। एनालिटिक्स करने के लिए इंडिया के बेहतरीन कॉलेजेस के नाम जानने की जो है। आईआईएम बेंगलुरु।
जहां एवरेज एनुअल फीस ₹23 लाख है। आईआईएम कलकत्ता, जहां एवरेज एनुअल फीस ₹24 लाख है। आईआईटी खड़गपुर में इस कोर्स की एवरेज एनुअल फीस से ₹20 लाख आगे कोलकाता में ये फीस है ₹10 लाख। लाल बहादुर शास्त्री इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में इस कोर्स की एवरेज एनुअल फीस है। ₹5,84,000। जगन्नाथ इंटरनेशनल स्कूल में एवरेज एनुअल फीस ₹3,60,000 और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्कूल की एवरेज एनुअल फीस है। ₹3,04,000। अब ये भी जान लीजिए कि आप ये कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन से भी कर सकते हैं और इसके लिए कुछ बेहतरीन कॉलेजेस हैं। वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी पुणे जिसकी पीस है ₹1,40,000। वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी ईटानगर।
जहां फीस है 24000 से 84000 रुपए तक और डॉक्टर डीवाई पाटिल स्कूल ऑफ ओपन इन डिस्टेंस लर्निंग जहां पर फीस है ₹76,000। कॉलेज की बात तो हो गई अब आगे बात करते हैं और स्टडी प्लान्स की तो आप अगर पीजीडीएम कंप्लीट करने के बाद हायर डिग्री लेना चाहे तो मैनेजमेंट में एमफिल पीएचडी भी कर सकते हैं, जिससे आपको बिजनेस एनालिटिक्स की स्ट्रॉन्ग अंडरस्टैंडिंग भी होगी और आप ज्यादा प्रोफेशनल भी बन सकेंगे। लेकिन अगर आप इस पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा कोर्स के बाद जॉब करना चाहते हैं तो आइए जान लेते हैं एम्प्लॉयमेंट एरियाज के बारे में।
बिजनेस एनालिस्ट को हायर करने वाली कंपनीज में केवल मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज ही नहीं रह गई हैं, बल्कि अब तो कैंडिडेट्स के लिए टेक्नोलॉजी, सेक्टर स्टॉक मार्केट, बैंकिंग, रिटेल, फाइनेंस, इंश्योरेंस, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल जैसे बहुत सारे सेक्टर्स में ऑपर्च्युनिटीज ओपन हो जाएंगी और आपकी स्किल्स और एप्टीटय़ूड के बेस पर आप एनालिटिक्स के कुछ एडवांस एरियाज जैसे मशीनों, ऑर्गेनाइजिंग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में भी जॉब पा सकते हैं।
वैसे पीजीडीएम बिज़नस एनालिटिक्स प्रोफेशनल को हायर करने वाली टॉप ऑर्गनाइजेशंस में शामिल हैं। एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, एचसीएल, डेल, आईबीएम, विप्रो, एचपी और हिताची। बात करें। अब इतना कुछ जान लेने के बाद सैलेरी कैसे मिलेगी तो इन पैसों को मिलने वाला सैलरी पैकेज 5 से 6 लाख हो सकता है। जो ऑर्गनाइजेशन और कैंडिडेट की स्किल्स पर डिपेंड करता है। ये पैकेज दो साल के एक्सपीरियंस के बाद इनक्रीज होकर सेवेन टेन लैक पर एनम हो सकता है और अगर आप एक्सपर्टीज गेन कर लेंगे तो आपको इससे ज्यादा का सैलरी पैकेज भी ऑफर हो सकता है। तो इसीलिए इस एरिया के एक्सपर्ट बनिए।
इसी बात पर अब जरा देख लेते हैं स्पीड की कुछ टॉप जॉब पोजिशंस के सैलरी पैकेज। कोई डेटा साइंटिस्ट को एवरेज एनुअल सैलरी 7 लाख पर एनम मिला करती है। एक क्वांटिटेटिव एनालिस्ट को 13 लाख पर एनम का सैलरी पैकेज ऑफर होता है। एक माकेर्ट रिसर्च एनालिस्ट को मिलने वाला एनुअल सैलरी पैकेज 8 लाख पर एनम होता है। एक हेल्थकेयर एनालिस्ट के लिए ये पैकेज साढ़े 6 लाख पर एनम हो सकता है। और दोस्तों इसी के साथ ये हो गई पीजीडीएम बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स की सारी जरूरी जानकारियां जिसकी हेल्प लेकर के आप डिसाइड कर सकते हैं कि ये कोर्स किस तरह आपके लिए यूजफुल हो सकता है और कैसे करियर को मनचाहा मोड़ दे सकता है।
पर आपको अगर ऐसा लग रहा है कि आप तो ठीक है लेकिन आपके दोस्त को शायद इसकी ज्यादा जरूरत है तो भी देर किस बात की।