क्या आपको कंप्यूटर के साथ एक्सपेरिमेंट करना अच्छा लगता है?
यानी क्या आप ये जानने में इंटरेस्टेड रहते हैं कि कंप्यूटर के डिफरेंट पार्ट्स कैसे इंटर कनेक्टेड हैं और कैसे डेटा शेयरिंग के लिए दो या ज्यादा कंप्यूटर्स इंटर लिंक्ड रहते हैं। अगर आपको ये सब सीखना अच्छा लगता है तो आपको कंप्यूटर हार्डवेयर या नेटवर्किंग के बारे में ज्यादा डिटेल इन्फॉर्मेशन लेनी चाहिए ताकि आप इस फील्ड में अपना करियर बनाने के बारे में सोच सकें। क्योंकि कंप्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग एक डिमांडिंग करियर फील्ड है।
इसीलिए आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि डिप्लोमा इन हार्डवेयर नेटवर्किंग कोर्स कैसे किया जाए। इसलिए इस ब्लॉग को जरुर देखें।
तो चलिए शुरू करते हैं और पहले हार्डवेयर और नेटवर्किंग पर एक नजर डालते हैं। तो ये तो आप जानते होंगे कि कंप्यूटर हार्डवेयर कंप्यूटर सिस्टम के फिजिकल कॉम्पोनेंट्स यानी पार्ट्स का कॉम्बिनेशन होता है जिसमें मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, हार्ड डिस्क ड्राइव और मदरबोर्ड जैसे पार्ट्स होते हैं। नेटवर्किंग कंप्यूटर साइंस का वो फील्ड है वो एरिया है जो कंप्यूटर्स को डेटा एंड इन्फॉर्मेशन एक्सचेंज करना अलाउ करता है और नेटवर्क डिवाइसेस में राउटर्स, स्विच, मॉडेम हब और डेटा कार्ड एस्ट्रा आते हैं।
डिप्लोमा कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग कोर्स
ये हार्डवेयर और नेटवर्किंग मिलकर के आईटी का एक इंटीग्रल पार्ट बनाते हैं और इसकी डिमांड इसे यूथ के बीच एक पॉपुलर फील्ड बनाती है। ऐसे में आप चाहें तो कंप्यूटर हार्डवेयर नेटवर्किंग में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर की मास्टर्स डिग्री तक ले सकते हैं। और आज इस ब्लॉग में आगे हम आपकी रिक्वेस्ट पर डिप्लोमा कोर्स के बारे में डिटेल में जानने वाले हैं।
ये डिप्लोमा कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग कोर्स एक शॉर्ट टर्म कोर्स है जो स्टूडेंट्स को कंप्यूटर के हार्डवेयर पार्ट्स और नेटवर्किंग सिस्टम की नॉलेज देता है। इस कोर्स में नेटवर्किंग के इम्पोर्टेन्ट, आस्पेक्ट्स जैसे आईपी एड्रेस, सेटिंग, सबनेट, मास्किंग राउटर स्विचिंग एक्स्ट्रा भी कवर किए जाते हैं। इस कोर्स को करने से स्टूडेंट के पास कंप्यूटर के हार्डवेयर पार्ट असेम्बल करने की प्रैक्टिकल स्किल्स भी आ जाती है और नेटवर्किंग से जुड़े प्रॉब्लम्स डिटेक्ट करने और उन्हें करेक्ट करने की स्किल्स भी उन्हें मिल जाती है।
वैसे ये कोर्स कंप्यूटर हार्डवेयर नेटवर्किंग प्रोफेशनल्स सिस्टम, एडमिनिस्ट्रेटर इंस्टॉलर एंड यूजर और इंजीनियरिंग ग्रैजुएट्स के लिए यूजफुल रहता है। इस कोर्स की ड्यूरेशन जनरली एक साल रहती है, लेकिन इंस्टीट्यूट के अकॉर्डिंग आपको इसमें वेरिएशन मिल सकता है। यानी ये कोर्स कहीं छह महीने की ड्यूरेशन का भी हो सकता है और 10 महीने की ड्यूरेशन का भी। इस डिप्लोमा कोर्स को कंप्लीट करने के बाद स्टूडेंट्स के लिए ये टास्क कर पाना पॉसिबल हो जाएगा।
आईडेंटिफाई सूटेबल नेटवर्क टाइप इंस्टॉलेशन नेटवर्क, कॉन्फ़िगर नेटवर्क, कॉन्फ़िगर हार्डवेयर इन्श्योर नेटवर्क, सिक्योरिटी टेस्टर नेटवर्क एंड मेन्टेन नेटवर्क। इस कोर्स में एडमिशन की बेसिक एलिजिबिलिटी तो टेनिस क्लास ही है, लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट्स कोर्स में एडमिशन ट्वेल्थ क्लास पास करने के बाद लेते हैं। इस क्राइटेरिया में आपको इंस्टीट्यूट टू इंस्टीटयूट वेरिएशन भी मिल सकता है। ऐसे स्टूडेंट जिन्होंने अपना आईटीआई कोर्स रिलेटेड एरिया में कंप्लीट कर लिया हो वो भी इसके लिए एलिजिबल होते हैं। ज्यादतर इंस्टीट्यूट इस कोर्स में मेरिट बेस पर एडमिशन दिया करते हैं और कुछ इंस्टीट्यूट में एंट्रेंस टेस्ट भी हो सकता है।
इसीलिए एंट्रेंस टेस्ट के लिए भी तैयार रहें। एक साल की ड्यूरेशन वाले डिप्लोमा कोर्स के दो सेमेस्टर हो सकते हैं, जिनमें कवर होने वाले इम्पॉर्टेंट टॉपिक्स ये होते हैं सेमेस्टर पोस्ट में फंडामेंटल कंप्यूटर हार्डवेयर, नेटवर्किंग एंड प्रोटोकॉल्स नेटवर्क, ऑपरेटिंग सिस्टम, एडमिनिस्ट्रेशन डेवलपमेंट ऑफ जेनेरिक स्किल एंड डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और सेकंड सेमेस्टर में कंप्यूटर हार्डवेयर एंड ट्रबल, शूटिंग नेटवर्क, ऑपरेटिंग सिस्टम, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिमोट नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेशन, इमेजिंग टेक्नोलॉजीज, एन डी और कोर्स इवेल्यूशन ऑफ डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग कोर्स और अब सिलेबस के बाद जान लेते हैं। इंडिया के ऐसे बेहतरीन कॉलेजेस के नाम जो ये कोर्स ऑफर करते हैं। रा
- धाकृष्णन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग साइंस जयपुर,
- राजस्थान बोस्को इंस्टीटय़ूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,
- वेल्लोर,
- तमिलनाडु सीएमजे यूनिवर्सिटी जोरा,
- मेघालय इंटरनेशनल काउंसिल फॉर मैनेजमेंट स्टडीज,
- चेन्नई,
- तमिलनाडू मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन,
- हिमाचल प्रदेश।
- मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी उदयपुर,
- राजस्थान पीयूसी पॉलिटेक्निक कॉलेज कोयम्बटूर,
- तमिलनाडू साल स्कूल ऑफ इंटीरियर डिजाइन,
- न्यू दिल्ली, दिल्ली पिलक,
- महाराष्ट्र विद्यापीठ,
- पूणे, महाराष्ट्र और यशवंतराव चव्हाण,
- महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी नासिक महाराष्ट्र एक्सट्रा।
इस कोर्स को करने के बाद आप चाहें तो हायर स्टडीज का ऑप्शन भी चूज कर सकते हैं। जैसे बीटेक इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस ताकि आपको मिलने वाली जॉब अपॉर्च्युनिटी और सैलेरी पाने के जॉब को इम्प्रेस कर सकें। लेकिन अगर आपका इरादा डिप्लोमा कोर्स कंप्लीशन के बाद जॉब शुरू करने का ही है तो आपके पास इतनी टेक्निकल नॉलेज तो आ ही गई होगी।
क्या कंप्यूटर मैन्युफैक्चरिंग असेंबलिंग कॉम्पोनेंट इनेबल्ड फोन्स में जॉब के लिए अप्लाई कर सकें?
इसके अलावा कंप्यूटर्स के माकेर्टिंग सेक्शन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट में भी इनवॉल्व हो सकते हैं। नेटवर्क एडमिस्ट्रेशन। सिक्यॉरिटी से डील करने वाली फोर्स को भी हार्डवेयर नेटवर्किंग प्रोफेशनल्स की जरूरत रहती है। इसलिए आप ऐसी फर्म्स में भी अपने लिए अच्छी जॉब अपॉर्च्युनिटी सर्च कर सकते हैं।
कंप्यूटर हार्डवेयर नेटवर्किंग में डिप्लोमा कंप्लीट करने वाले कैंडिडेट्स के लिए जो मेन जॉब प्रोफाइल रहती है वो है
- हार्डवेयर टेस्टर डिजाइन,
- असिस्टेंट क्वॉलिटी कंट्रोलर,
- जूनियर इंजीनियर,
- इंस्टॉलेशन इंजीनियर नेटवर्क इंजीनियर नेटवर्किंग सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेटर,
- सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट असेम्बलिंग सुपरवाइजर इन मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रोडक्शन,
- जूनियर मार्केटिंग,
- इग्जेक्यूटिव नेटवर्क,
- मेंटेनेंस स्पेशलिस्ट नेटवर्क टेक्नीशियन और आईटी टेक्नीशियन।
एक्सट्रा सैलरी के बारे में जानें तो कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग के इस डिप्लोमा कोर्स को करने के बाद इन्हीं स्टेज पर एक हार्डवेयर टेक्नीशियन को मिलने वाला सैलेरी पैकेज डेढ़ से 2 लाख पर एयर तक हो सकता है और 3 से 4 साल का एक्सपीरियंस लेने के बाद ये पैकेज साढ़े 3 लाख पर एनम तक इनक्रीज हो सकता है।
तो दोस्तों इस तरीके से आप कंप्यूटर हार्डवेयर नेटवर्किंग में डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं और इस एरिया में अपने इंट्रेस्ट को करियर के तौर पर अपना सकते हैं। यहां पर आपके लिए एक छोटी सी पीजी डिप्लोमा कोर्स रिलेटेड फील्ड की प्रैक्टिकल नॉलेज और स्किल्स जरूर देगा जिसकी हेल्प से आप बहुत जल्दी अर्निंग करना शुरू कर सकेंगे। लेकिन इस पोस्ट से अट्रैक्ट होकर के डिप्लोमा कोर्स ना करें कि आपको कम पढ़ना होगा और आपके पास जॉब के लिए एलिजिबिलिटी आ जाएगी।
मतलब ये कि अगर आप इस एरिया में डीप इंटरेस्ट रखते हैं और ग्रोथ भी अच्छी चाहते हैं तो बेहतर स्टडी का ऑप्शन जरूर से कंसीडर करें ताकि कुछ सालों के बाद असल में आपका करियर सही तरीके से सेटल हो सके और आप सेटिस्फाई भी हो सकें। इसी के साथ आज का ये वीडियो आज की जानकारी यहीं पर पूरी हुई।
आम राह की जर्नी तो अभी बहुत आगे जानी है। अभी बहुत एफर्ट करने हैं लेकिन सही जानकारी के साथ